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Title: परिपत्र
Reference No.: आईआरडीएआई/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/152/06/2020
Date: 11/06/2020
स्वास्थ्य बीमा पालिसी संविदाओं में सामान्य शब्दों और वाक्यांशों के मानकीकरण

संदर्भ:आईआरडीएआई/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/152/06/2020 11 जून 2020

 

 

 

 

 

 

 

 

 

स्वास्थ्यबीमा पालिसीसंविदाओं मेंसामान्यशब्दों औरवाक्यांशोंके मानकीकरण

संबंधी

दिशानिर्देश

 

 

1.   उद्देश्यः

 

इनदिशानिर्देशोंका उद्देश्यपालिसी संविदाओंके सामान्यशब्दों औरवाक्यांशों केशब्द-चयन/शैलीका सरलीकरणकरने केद्वाराक्षतिपूर्तिआधारितस्वास्थ्यबीमा वैयक्तिकदुर्घटना (इनदिशानिर्देशोंमें इसके बादपीए के रूपमें अभिहित)और घरेलू /विदेश यात्राको छोड़करउत्पादों मेंसमाविष्टसामान्यशब्दों और वाक्यांशोंका मानकीकरणकरना तथाउद्योग मेंएकरूपतासुनिश्चितकरना है।

 

येदिशानिर्देशआईआरडीएआई(स्वास्थ्यबीमा) विनियम, 2016के विनियम 20 औरअनुसूची IIIके साथ पठितबीमा अधिनियम,1938 की धारा 34(1) केउपबंधों केअधीन जारीकिये जातेहैं।

 

2.   प्रयोज्यताः

येदिशानिर्देशक्षतिपूर्तिआधारित स्वास्थ्यबीमा (पीए औरघरेलू / विदेशयात्रा कोछोड़कर)उत्पाद (दोनोंवैयक्तिक औरसामूहिक)प्रस्तावितकरनेवाले सभीसाधारण औरस्वास्थ्यबीमाकर्ताओंपर लागू हैं।

इनदिशानिर्देशोंके उपबंध 01अक्तूबर 2020 कोअथवा उसके बादस्वास्थ्यबीमा व्यवसायमें उत्पादफाइलिंगसंबंधीदिशानिर्देशोंके अनुसारफाइल किये गयेक्षतिपूर्तिआधारित स्वास्थ्यबीमा वैयक्तिकदुर्घटना (इनदिशानिर्देशोंमें इसके बादपीए के रूपमें अभिहित)तथा घरेलू / विदेशयात्रा कोछोड़करउत्पादों केलिए लागूहोंगे।वर्तमानस्वास्थ्यबीमाउत्पादों कीसभी पालिसीसंविदाएँ जोइन दिशानिर्देशोंका अनुपालननहीं करतीं, 01अप्रैल 2021 को औरउसके बाद जबभी वे नवीकरणके लिए नियतहैं तब आशोधितकी जाएँगी।

 

3.   अन्यउपबंधः

3.1   जहाँइन सामान्यशब्दों औरवाक्यांशोंका प्रयोगकिया जाता है,वहाँबीमाकर्ता इनदिशानिर्देशोंके अनुबंध-1मेंयथानिर्धारितवाक्यरचना(वर्डिंग्ज़)को हीसमाविष्टकरेंगे।

3.2   संभावितग्राहकों/बीमाकृतव्यक्तियोंको प्रामाणिकविकल्प कीउपलब्धतासुनिश्चितकरने के लिएबीमाकर्ताअपने उत्पादअभिकल्प केअनुसारउत्पाद में अन्यसामान्य शब्दऔर खंडसमाविष्ट करसकते हैं।

3.3   बीमाकर्तासमय-समय परप्राधिकरणद्वारा जारीकियेजानेवालेविनियमोंअथवादिशानिर्देशोंके आधार परभविष्यप्रभावीरूप से पालिसीसंविदा केसामान्य शब्दोंऔर खंडों काउपयुक्त रूपसे आशोधन करसकते हैं।

 

4.   परिभाषाएँ:इनदिशानिर्देशोंमें प्रयुक्ततथा बीमा अधिनियम,1938, बीमाविनियामक औरविकासप्राधिकरणअधिनियम, 1999 तथाउसके अधीन अधिसूचितविनियमों मेंपरिभाषितशब्दों केअर्थ वही होंगेजो क्रमशःउनके लिएनिर्धारित हैं।

 

5.   इसेसक्षमप्राधिकारीका अनुमोदनप्राप्त है।

 

(डी.वी. एस. रमेश)

महाप्रबंधक(स्वास्थ्य)

 

अनुबंध– 1

मानकसामान्य शब्दऔर खंडः

1 सूचना काप्रकटीकरण

पालिसीधारकद्वारागलतबयानी, गलतविवरण अथवाकिसीमहत्वपूर्णतथ्य को प्रकटन करने की स्थितिमें पालिसीअमान्य होगीतथा उस पर अदाकिये गयेसमस्तप्रीमियमकंपनी कोसमपहृत किये जाएँगे।

(स्पष्टीकरणःइस पालिसी केप्रयोजन केलिए महत्वपूर्णतथ्य सेप्रस्तावफार्म औरअन्य

संबंधितदस्तावेजोंमें कंपनीद्वारा माँगीगई समस्त संगतसूचनाअभिप्रेतहोगी जिससे वहजोखिम का अंकनकरने केसंदर्भ मेंप्रामाणिकनिर्णय लेसके।

 

2. दायित्वकी स्वीकृति केलिएपूर्ववर्तीशर्त

पालिसीके अंतर्गतउत्पन्नहोनेवालेदावे(दावों)हेतु कंपनीद्वारा कोई भीभुगतान किये जानेके लिए बीमितव्यक्ति केद्वारापालिसी कीशर्तेंआवश्यक रूप सेपूरी की जानीचाहिए।

 

3. दावानिपटान(दंडात्मकब्याज के लिएप्रावधान)

i. कंपनीकिसी भी दावेका निपटान अथवाअस्वीकरण,जैसी स्थितिहो, अंतिमआवश्यक दस्तावेजकी प्राप्तिकी तारीख से 30दिन के अंदरकरेगी।

ii. किसीभी दावे केभुगतान मेंविलंब होने कीस्थिति मेंकंपनी अंतिमआवश्यकदस्तावेज कीप्राप्ति कीतारीख से दावेके भुगतान कीतारीख तकपालिसीधारकको बैंक दर से 2%अधिक दर परब्याज अदाकरने के लिएबाध्य होगी।

iii. तथापि,जहाँ कंपनी कीराय में दावेके लिए एक जाँचकी आवश्यकताहै, वहाँ वहऐसी जाँचशीघ्रातिशीघ्रप्रारंभकरेगी, एवंकिसी भीस्थिति मेंअंतिम आवश्यकदस्तावेज कीप्राप्ति कीतारीख से 30 दिनके अंदर पूरीकरेगी। ऐसेमामलों में,कंपनी अंतिमआवश्यकदस्तावेज कीप्राप्ति कीतारीख से 45 दिनके अंदर दावेका निपटानअथवाअस्वीकरणकरेगी।

iv.निर्धारित45 दिन से अधिकविलंब होने कीस्थिति में,कंपनी अंतिमआवश्यकदस्तावेज कीप्राप्ति कीतारीख से दावेके भुगतान कीतारीख तक पालिसीधारकको बैंक दर से 2%अधिक दर परब्याज अदा करनेके लिए बाध्यहोगी।

(स्पष्टीकरणःबैंक दरसे उस वित्तीयवर्ष केप्रारंभ मेंभारतीय रिज़र्वबैंक द्वारानिर्धारित दरअभिप्रेत होगीजिसमें दावादेय हो गया हो)

(बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःपालिसीधारकोंके हितों कासंरक्षणविनियम, 2017 केसंबंधित उपबंधोंमें संशोधनयदि कोईहो(हों), तोउनके आधार परबीमाकर्ताद्वारा उक्तखंड काउपयुक्त रूपसे आशोधन कियाजाएगा)

4. संपूर्णउन्मोचन

पालिसीके अंतर्गतकिसी लाभ केलिए पालिसीधारक,बीमितव्यक्ति अथवाउसकेनामितियोंअथवा उसके वैधप्रतिनिधिअथवा समनुदेशतीको अथवा अस्पतालको, जैसीस्थिति हो,कोई भी भुगतानविशिष्ट दावेके लिए उसराशि की सीमातक कंपनीद्वारा दावेके भुगतान केप्रति एक वैधउन्मोचन (वैलिडडिस्चार्ज)होगा।

5. बहुविधपालिसियाँ

i. चिकित्साव्ययों कीक्षतिपूर्तिके लिए एकअथवा उससेअधिकबीमाकर्ताओंसे एक अवधि केदौरान किसीबीमितव्यक्ति केद्वारा बहुविधपालिसियाँलेने कीस्थिति मेंबीमित व्यक्तिके पास यहअधिकार होगाकि वह अपनीकिसी भीपालिसी केअनुसार अपनेदावे केनिपटान की अपेक्षाकरे। इसप्रकार के सभीमामलों मेंबीमितव्यक्ति केद्वारा चयनितबीमाकर्ता तबतक उक्त दावेका निपटानकरने के लिएबाध्य होगाजबतक दावाचयनित पालिसीकी सीमाओं औरशर्तों केअनुसार हो।

ii.बहुविधपालिसियाँरखनेवालेबीमितव्यक्ति केपास यह अधिकारभी होगा कि वहइस पालिसी केअंतर्गत उनराशियों केलिए दावेप्रस्तुत करेजो किसी/ किन्हींअन्य पालिसी /पालिसियोंके अंतर्गतअस्वीकृत कीगई हों भले हीबीमित राशिपूर्णतःसमाप्त नहींहो गई हो। तबबीमाकर्ता इसपालिसी कीशर्तों केअधीन दावे कानिपटानस्वतंत्र रूपसे करेगा।

iii. यदि दावाकी जानेवालीराशि एक एकलपालिसी केअंतर्गतबीमित राशि सेअधिक हो जातीहै, तो बीमितव्यक्ति केपास उस बीमाकर्ताका चयन करनेका अधिकारहोगा जिससे वहशेष राशि कादावा करनाचाहता/चाहतीहै।

iv.जहाँ बीमितव्यक्ति केपासक्षतिपूर्तिके आधार पर एकही जोखिम कोकवर करने केलिए एक सेअधिकबीमाकर्ताओँसे ली गईपालिसियाँ हैं,वहाँ बीमितव्यक्ति केचिकित्साव्ययों कीक्षतिपूर्तिकेवल चयन कीगई पालिसी कीशर्तों केअनुसार ही कीजाएगी।

6.धोखाधड़ी

यदिबीमितव्यक्तिद्वारा कियागया कोई दावाकिसी भीप्रकार सेकपटपूर्ण है,अथवा उसकेसमर्थन मेंकिसी झूठाविवरण अथवाघोषणा की गईहै अथवाप्रयुक्त कीगई है, अथवायदि इस पालिसीके अंतर्गतकोई लाभप्राप्त करनेके लिए बीमितव्यक्ति याउसकी ओर सेकार्यकरनेवाले किसीव्यक्ति द्वाराकिसीधोखाधड़ीपूर्णसाधन अथवाउपाय काप्रयोग कियागया है, तो इसपालिसी केअंतर्गत सभीलाभ औरप्रदत्त सभीप्रीमियमसमपहृत कियेजाएँगे।

 

इसपालिसी केअंतर्गत कियेगये दावों केआधार पर पहलेसे अदा की गईपरंतु बाद मेंकपटपूर्ण पायेगये दावों केसंबंध में कोईभी राशि उन सभीप्राप्तकर्ता(ओं)/पालिसीधारक(कों)द्वारा वापसअदा की जाएगीजिसने/जिन्होंनेवह विशिष्टदावा किया हो,जो संयुक्तरूप से औरवैयक्तिक रूपसे बीमाकर्ताको ऐसी वापसीअदायगी करनेके लिए बाध्यहोंगे।

 

इस खंड केप्रयोजन केलिएअभिव्यक्ति धोखाधड़ी” से, बीमितव्यक्ति अथवाउसके एजेंटअथवा बीमितव्यक्ति की ओरसे कार्यकरनेवालेअस्पताल/डाक्टर/किसी अन्यपक्षकारद्वाराबीमाकर्ता कोधोखा देने याबीमा पालिसीजारी करने केलिए बीमाकर्ताको प्रलोभनदेने केउद्देश्य सेकिया गयानिम्नलिखितमें से कोई भीकार्य अभिप्रेतहैः

क)   सुझाव,जो एक तथ्य केरूप में सहीनहीं है तथा जोबीमितव्यक्ति सहीहोने के रूपमें विश्वास नहींकरता है;

ख)   तथ्यकी जानकारीअथवा विश्वासरखते हुएबीमितव्यक्ति केद्वारा किसीतथ्य कोसक्रिय रूप सेछिपाना;

ग)     धोखादेने के योग्यकोई अन्यकार्य;तथा

घ)     ऐसाकोई भी कार्यअथवा चूक जैसाकि विधि विë#2358;िष्टरूप सेधोखाधड़ीपूर्णघोषित करतीहै।

 

कंपनीधोखाधड़ी केकारण उसस्थिति मेंदावे कानिराकरण नहींकरेगी और/या पालिसीलाभों कासमपहरण नहींकरेगी, यदि बीमितव्यक्ति / लाभार्थीयह साबित करसकता है किगलतबयानी उसकीअधिकतमजानकारी केअनुसार सही थीतथा तथ्य को जान-बूझकरछिपाने का कोईइरादा नहीं थाअथवा यह किऐसी गलतबयानीयामहत्वपूर्णतथ्य को छिपानाबीमाकर्ता कीजानकारी मेंथा।

 

7. निरसन

i.पालिसीधारक15 दिन की लिखितसूचना देकर इसपालिसी कोनिरस्त करसकता है तथाऐसी सिथितिमें कंपनीसमाप्त न हुईपालिसी अवधिके लिए प्रीमियमकी वापसी नीचेदिये गयेविवरण केअनुसार करेगीः

(बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता धनवापसीके परिकलन कीपद्धतिविनिर्दिष्टकरेगा)

इसमेंनिहित किसीबात के होतेहुए भी अथवाअन्य प्रकारसे निरसन केसंबंध मेंप्रीमियम की कोईवापसी अदायगीनहीं कीजाएगी, जहाँपालिसी केअंतर्गत कोईदावा स्वीकृतकिया गया हैअथवा दायरकिया गया हैअथवा बीमितव्यक्ति केद्वारा कोईलाभ प्राप्तकिया गया है।

(बीमाकर्ताओँके लिएटिप्पणीःउत्पाद अभिकल्पके अनुसारबीमाकर्ता इसशर्त को शिथिलकर सकता है)

ii.कंपनीबीमितव्यक्तिद्वारागलतबयानी,महत्वपूर्णतथ्यों कोप्रकट न करने,धोखाधड़ी कियेजाने के आधारपर किसी भीसमय 15 दिन कीलिखित नोटिसदेकर पालिसीको निरस्त करसकती है।गलतबयानी,महत्वपूर्णतथ्यों कोप्रकट न करनेअथवाधोखाधड़ी केआधार पर निरसनकिये जाने परप्रीमियम कीकोई वापसी नहींहोगी।

 

8. अंतरण(माइग्रेशन)

बीमितव्यक्ति केपास अंतरणसंबंधीआईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके अनुसारपालिसी केनवीकरण कीतारीख से कमसे कम 30 दिनपहले पालिसीके अंतरण केलिए आवेदनप्रस्तुतकरते हुए कंपनीद्वाराप्रस्तावितअन्यस्वास्थ्य बीमाउत्पादों/योजनाओँ मेंपालिसी काअंतरण करने काविकल्प है।यदि ऐसाव्यक्तिकंपनी द्वारा प्रस्तावितकिसी भीस्वास्थ्यबीमा उत्पाद/योजना केअंतर्गतवर्तमान मेंबीमा-रक्षा(कवर) प्राप्तहै एवं किसीचूक के बिनालगातार बीमा-रक्षा(कवर) प्राप्तकरता रहा है,तो बीमित व्यक्तिअंतरण संबंधीआईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके अनुसारप्रतीक्षाअवधियों मेंउपचित निरंतरतालाभ प्राप्तकरेगा।

 

अंतरण(माइग्रेशन)संबंधी विस्तृतदिशानिर्देशोंके लिए कृपयालिंक..................काअवलोकन करें।

(बीमाकर्ताओँके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता को चाहिएकि अंतरणसंबंधीआईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके लिए लिंकउपलब्धकराये। अंतरणहेतु आवेदनकरने के लिएसमय-सीमाएँबीमाकर्ताद्वाराउत्पाद अभिकल्पके अधीन शिथिलकी जा सकतीहैं)

 

9.सुवाह्यता(पोर्टबिलिटी)

बीमितव्यक्ति केपास अन्यबीमाकर्ताओंको पालिसीपोर्ट करने केलिएसुवाह्यतासंबंधी आईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके अनुसारपालिसी केनवीकरण कीतारीख से कमसे कम 45 दिनपहले, परंतु 60दिन से पहले नहीं,परिवार के सभीसदस्यों, यदिकोई हों, केसाथ समूचीपालिसी पोर्ट करनेके लिए ऐसेबीमाकर्ता कोआवेदनप्रस्तुतकरते हुए पालिसीपोर्ट करने काविकल्प है।यदि ऐसा व्यक्तिकिसी भारतीयसाधारण/स्वास्थ्यबीमाकर्ता केपास किसीस्वास्थ्यबीमा पालिसीके अंतर्गतवर्तमान मेंबीमा-रक्षा (कवर)प्राप्त हैतथा किसी चूकके बिनानिरंतर बीमा-रक्षा(कवर) प्राप्त करतारहा है, तोप्रस्तावितबीमितव्यक्तिसुवाह्यतासंबंधीआईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके अनुसारप्रतीक्षाअवधियों मेंउपचितनिरंतरता लाभप्राप्तकरेगा।

सुवाह्यता(पोर्टबिलिटी)संबंधीविस्तृतदिशानिर्देशोंके लिए कृपयालिंक.................... काअवलोकन करें।

(बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता को चाहिएकि सुवाह्यतासे संबंधितआईआऱडीएआई दिशानिर्देशके लिए लिंकउपलब्धकराये। सुवाह्यताहेतु आवेदनकरने के लिएसमय-सीमाएँबीमाकर्ताद्वाराउत्पादअभिकल्प के अधीनशिथिल की जासकती हैं)

 

10. पालिसीका नवीकरण

बीमितव्यक्ति केद्वाराधोखाधड़ी,गलतबयानी केकारणों कोछोड़करपालिसीसामान्यतःनवीकरण-योग्यहै।

i.             कंपनीनवीकरण के लिएनोटिस देने काप्रयास करेगी।तथापि, नवीकरणहेतु कोईसूचना देने केलिए कंपनीकिसी बाध्यताके अधीन नहींहै।

ii.            नवीकरणइस आधार परअस्वीकृतनहीं किया जासकता कि बीमितव्यक्ति नेपूर्ववर्तीपालिसी वर्षोंमें दावा अथवादावे कियेहैं।

iii.          आवश्यकप्रीमियम केसाथ नवीकरण केलिए आवेदन कंपनीद्वारापालिसी अवधिकी समाप्ति सेपहले प्राप्तकी जाएगी।

iv.          पालिसीअवधि कीसमाप्ति परपालिसीसमाप्त हो जाएगीतथा उसकानवीकरण...................दिन कीअनुग्रह (ग्रेस)अवधि के अंदरकिया जा सकताहै (बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता कोचाहिए कि उत्पादअभिकल्प केअनुसारअनुग्रह अवधि(ग्रेस पीरियड)विनिर्दिष्टकरे) जिससेपालिसी मेंकिसी क्रम-भंगके बिना लाभोंकी निरंतरताको बनाये रखाजा सके।अनुग्रह (ग्रेस)अवधि के दौरानबीमा-रक्षा(कवरेज) उपलब्धनहीं है।

v.            वैयक्तिकदावा अनुभव केआधार परनवीकरणों पर कोईभी लोडिंगलागू नहींहोगा।

 

11.पालिसी कोवापस लेना

i.भविष्यमें उत्पाद कोवापस लेने कीसंभावना केहोते हुए,कंपनी बीमितव्यक्ति कोपालिसी कीसमाप्ति से 90दिन पहले इसकेबारे मेंसूचना देगी।

ii.बीमितव्यक्ति केपासआईआरडीएआईदिशानिर्देशोंके अनुसार सभीउपचितनिरंतरतालाभों, जैसेसंचयी बोनस, प्रतीक्षाअवधि से छूटके साथ नवीकरणके समय कंपनीके पास उपलब्धइसी प्रकार केस्वास्थ्य बीमाउत्पाद मेंअंतरण(माइग्रेशन)करने का विकल्पहोगा, बशर्तेकि पालिसीबिना किसी क्रम-भंगके बनाये रखीगई हो।

 

12.अधिस्थगनअवधि

पालिसीके अंतर्गत आठनिरंतर वर्षपूरे करने केबाद कोईपुनरीक्षण(लुक बैक) लागूनहीं कियाजाना चाहिए।अधिस्थगनप्रथम पालिसीकी बीमितराशियों के लिएलागू होगा तथातदुपरांत 8निरंतरवर्षों कीपूर्ति बीमितराशियों केवर्धन कीतारीख से केवलबढ़ी हुईसीमाओं परलागू होगी।अधिस्थगनअवधि कीसमाप्ति केबाद, प्रमाणितधोखाधड़ी औरपालिसीसंविदा मेंविनिर्दिष्टस्थायीअपवर्जनों कोछोड़कर कोई भीस्वास्थ्यबीमा दावाविवादास्पदनहीं होगा।तथापि,पालिसियाँपालिसीसंविदा केअनुसार सभी सीमाओँ,उप-सीमाओं,सह-भुगतानों,कटौती-योग्य राशियोंके अधीनहोंगी।

 

13.किस्तों मेंप्रीमियमभुगतान (जहाँभी लागू हो)

यदिबीमितव्यक्ति ने पालिसीअनुसूची/बीमाप्रमाणपत्रमें उल्लिखितरूप में किस्तोंके आधार परअर्थात्छमाही, तिमाहीअथवा मासिकआधार परप्रीमियम केभुगतान के लिएविकल्प दियाहै, तो (पालिसीमें अन्यत्रकिन्हीं शर्तोंके होते हुएभी)निम्नलिखितशर्तें लागूहोंगीः

i.              _____ दिनकी अनुग्रहअवधि (ग्रेसपीरियड) (बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता को चाहिएकि उत्पादअभिकल्प केअनुसारअनुग्रह अवधिविनिर्दिष्टकरे) पालिसीके लिए देयकिस्तप्रीमियम अदाकरने के लिएदी जाएगी।

ii.            ऐसीअनुग्रह अवधिके दौरान,किस्तप्रीमियम कीनियत तारीख सेकंपनी द्वाराप्रीमियम कीप्राप्ति कीतारीख तक बीमा-रक्षा(कवरेज)उपलब्ध नहींहोगी।

iii.          प्रीमियमका भुगतानविनिर्दिष्टअनुग्रह अवधिके अंदर कियेजाने कीस्थिति मेंबीमित व्यक्तिप्रतीक्षाअवधियों, विशिष्टप्रतीक्षाअवधियों”के संबंध मेंउपचितनिरंतरता लाभप्राप्त करेगा।

iv.          यदिनियत तारीख कोकिस्तप्रीमियम काभुगतान नहींकिया जाता, तोकोई ब्याजप्रभारितनहीं कियाजाएगा।

v.            यदिदेय किस्तप्रीमियमअनुग्रह अवधिके अंदरप्राप्त नहींकिया जाता, तोपालिसीनिरस्त कीजाएगी।

vi.          दावाकिये जाने कीस्थिति मेंसभी परवर्तीप्रीमियमकिस्तेंतत्काल देयबनेंगी औरभुगतान-योग्यहोंगी।

vii.         कंपनीके पास पालिसीके अंतर्गतदेय दावा राशिसे सभी लंबितकिस्तों कीवसूली औरकटौती करने काअधिकार है।

 

14.प्रीमियमदरों सहितपालिसी कीशर्तों के संशोधनकी संभावना

कंपनीआईआरडीएआई केपूर्व-अनुमोदनसे प्रीमियम दरोंसहित पालिसीकी शर्तेंसंशोधित अथवाआशोधित करसकती है।बीमितव्यक्ति कोपरिवर्तन लागूकरने से तीनमहीने पहलेसूचित कियाजाएगा।

 

15.निःशुल्कअवलोकन अवधि(फ्री लुकपीरियड)

निःशुल्कअवलोकन अवधिनई वैयक्तिकस्वास्थ्यबीमापालिसियों परलागू होगी तथायह नवीकरणोंपर अथवापालिसी कीपोर्टिंग /अंतरण(माइग्रेशन)करने के समयलागू नहींहोगी।

बीमितव्यक्ति कोपालिसी कीशर्तों कीसमीक्षा करनेतथा यदिस्वीकार्यनहीं है तोउसे लौटाने केलिए पालिसीदस्तावेजप्राप्त होनेकी तारीख सेपन्द्रह दिनकी निःशुल्कअवलोकन अवधिकी अनुमति दीजाएगी।

यदिबीमाकृतव्यक्ति नेनिःशुल्कअवलोकन अवधिके दौरान कोईदावा नहींकिया है, तोबीमाकृतव्यक्तिनिम्नलिखितके लिए हकदारहोगाः

i.             बीमाकृतव्यक्ति कीडाक्टरी जाँचके संबंध मेंकंपनी द्वाराकिये गयेकिन्हींव्ययों और मुद्रांकशुल्क प्रभारको घटाकरप्रदत्त प्रीमियमकी वापसी अथवा

ii.            जहाँजोखिमप्रारंभ होचुका है तथापालिसी लौटानेके विकल्प काप्रयोगबीमाकृतव्यक्ति केद्वारा कियागया है, वहाँबीमा-रक्षा(कवर) की अवधिके लिएआनुपातिकजोखिमप्रीमियम केलिए कटौती अथवा

iii.          जहाँबीमा रक्षा(कवरेज) काकेवल एक भागही प्रारंभहुआ है, वहाँऐसी अवधि केदौरान बीमाकवरेज केअनुरूपआनुपातिकप्रीमियम;

(बीमाकर्ताओंके लिए टिप्पणीःबीमाकर्ता उत्पादअभिकल्प केअनुसारनिःशुल्कअवलोकन अवधिबढ़ा सकता है)

 

16.शिकायत-निवारण

कोईशिकायत होनेकी स्थिति मेंबीमाकृत व्यक्तिनिम्नलिखितके माध्यम सेसंपर्क करसकता हैः

वेबसाइटः

टोलफ्रीः

ई-मेलः

फैक्सः

कूरियरः

बीमाकृतव्यक्तिशिकायत केब्योरे के साथकंपनी की किसीभी शाखा मेंशिकायत कक्षसे संपर्क करसकता है।

यदिबीमाकृतव्यक्तिउपर्युक्तकिसी एक पद्धतिके द्वाराशिकायत केनिवारण सेसंतुष्ट नहींहै, तो बीमाकृतव्यक्ति.............................में शिकायतअधिकारी सेसंपर्क करसकता है।

शिकायतअधिकारी के अद्यतनविवरण के लिएकृपया इस लिंकका अवलोकन करें.........

(बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःशिकायत अधिकारीका पता औरलिंक शिकायतअधिकारी केअद्यतन विवरणके साथबीमाकर्ताद्वारावेबसाइट पर विनिर्दिष्टकिया जाए। बीमाकर्तावरिष्ठ नागरिकोंके लिए संपर्कका विवरण भी अलगसेविनिर्दिष्टकरे।

 

यदिबीमाकृतव्यक्तिउपर्युक्तपद्धतियों केद्वाराशिकायत केनिवारण सेसंतुष्ट नहीं है,तो बीमाकृतव्यक्ति बीमालोकपाल नियम, 2017के अनुसारशिकायत केनिवारण के लिएसंबंधित क्षेत्र/प्रदेश केबीमा लोकपालके कार्यालयसे भी संपर्ककर सकता है। (बीमाकर्ताओंके लिएटिप्पणीःबीमाकर्ता बीमालोकपाल केकार्यालयोंका नवीनतमसंपर्क विवरणविनिर्दिष्टकरे)

आईआरडीएआईएकीकृतशिकायतप्रबंधप्रणाली – https://igms.irda.gov.in/ पर भीशिकायत दर्जकी जा सकतीहै।

 

17.नामांकनः

पालिसीधारकसे अपेक्षितहै किपालिसीधारक कीमृत्यु होनेकी स्थिति मेंपालिसी केअंतर्गतदावों काभुगतान करनेके प्रयोजन केलिए पालिसी केप्रारंभ मेंनामांकन करे।नामांकन मेंकोई भीपरिवर्तनकंपनी कोलिखित मेंसूचित कीजाएगी तथा ऐसापरिवर्तन तभीप्रभावी होगाजब पालिसी परपृष्ठांकनकिया जाएगा।पालिसीधारककी मृत्यु होनेकी स्थिति मेंकंपनी नामिती(जैसा कि पालिसीअनुसूची/पालिसीप्रमाणपत्र/पृष्ठांकन(यदि कोई हो)मेंनामोद्दिष्टहो) को तथा यदिकोई जीवितनामिती नहींहै, तो पालिसीधारकके विधिकवारिसों अथवाविधिक प्रतिनिधियोंको भुगतानकरेगी जिसकाउन्मोचनपालिसी केअंतर्गत उसकेदायित्व सेसंपूर्ण औरअंतिम मुक्तिके रूप में मानाजाएगा।

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    Guidelines on Standardization of General Terms and Clauses in Health Insura.pdf

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