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Title: प्रति, सभी बीमा कंपनियाँ और टीपीए
Reference No.: आईआरडीए/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/209/11/2019
Date: 27/11/2019
स्वास्थ्य बीमा व्यवसाय में मानकीकरण संबंधी आशोधित दिशानिर्देश

प्रति, सभीबीमाकंपनियाँ औरटीपीए

 

संदर्भसं.: आईआरडीए/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/209/11/2019 दिनांकः 27.11.2019

 

स्वास्थ्यबीमा व्यवसायमें मानकीकरणसंबंधीआशोधितदिशानिर्देश

 

1.   परिपत्रसं. आईआरडीए/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/146/07/2016 दिनांक29 जुलाई 2016 केद्वारा जारी कियेगयेस्वास्थ्यबीमा मेंमानकीकरणसंबंधीदिशानिर्देशों(दिशानिर्देश)के अध्याय-I की ओर ध्यानआकर्षित कियाजाता है जहाँस्वास्थ्यबीमापालिसियोंमें सामान्यतौर पर प्रयुक्त42 शब्दों केलिए मानकपरिभाषाएँ दीगई हैं।

2.   ऊपरसंदर्भितदिशानिर्देशोंके अध्याय-Iमें सूचितकी गईपरिभाषाओं केअतिरिक्त,निम्नलिखितदो परिभाषाएँखंड 43 और 44 के रूपमें तत्कालप्रभाव सेनिविष्ट कीजाती हैं :

 

43. आयुषअस्पतालः

आयुषअस्पतालस्वास्थ्यरक्षा की एकसुविधा हैजिसमेंचिकित्सीय/शल्य-चिकित्सीय/परा-शल्य-चिकित्सीयउपचार प्रक्रियाएँऔरमध्यस्थताएँनिम्नलिखितमें से किसीके भी अंतर्गतकार्यरत आयुष चिकित्साव्यवसायी(व्यवसायियों)के द्वारासंचालित कीजाती हैं :

क.   केन्द्रअथवा राज्यसरकार का आयुषअस्पताल;अथवा

ख.   केन्द्रसरकार/भारतीयचिकित्सा कीकेन्द्रीयपरिषद/होमियोपैथीके लिएकेन्द्रीयपरिषद द्वारामान्यताप्राप्तआयुष कालेज केसाथ संबद्धशिक्षणअस्पताल;अथवा

ग.     चिकित्साकी किसीमान्यताप्राप्तप्रणाली कीअंतरंग-रोगी(इन-पेशेंट)स्वास्थ्य-रक्षासुविधा सेयुक्तस्टैंडअलोनअथवा सह-स्थितआयुष अस्पतालजो जहाँ भीलागू हो वहाँस्थानीय प्राधिकारियोंके पासपंजीकृत होतथा जो अर्हताप्राप्तपंजीकृत आयुष चिकित्साव्यवसायी के पर्यवेक्षणमें हो एवंउसेनिम्नलिखितमानदंडों काअवश्य पालनकरना चाहिएः

i.             कम सेकम 5अंतरंग-रोगीशय्याओँ सेयुक्त हो;

ii.            दिन-रातप्रभारीअर्हताप्राप्तआयुष चिकित्साव्यवसायी सेयुक्त हो;

iii.          अपेक्षितरूप मेंसमर्पित आयुषचिकित्सा खंडोंसे युक्त होऔर/याजहाँ शल्य-चिकित्सीयप्रक्रियाएँसंचालित कीजानी हैं वहाँसुसज्जितआपरेशनथियेटरउपलब्ध हो;

iv.          रोगियोंके दैनिकअभिलेख रखे जारहे हों तथा उन्हेंबीमा कंपनी केप्राधिकृतप्रतिनिधियोंके लिए सुलभकिया रहा हो।

 

44. आयुष डेकेयरकेन्द्रः

आयुष डेकेयर केन्द्रसे अभिप्रेतहै तथा इसमेंशामिल हैंसामुदायिकस्वास्थ्यकेन्द्र(सीएचसी),प्राथमिकस्वास्थ्य केन्द्र(पीएचसी),औषधालय,चिकित्सालय, पालीक्लिनिकअथवा कोई ऐसास्वास्थ्यकेन्द्र जोजहाँ भी लागूहो वहाँस्थानीयप्राधिकारियोंके पासपंजीकृत हो,तथा जो अंतरंगरोगियों की सेवाओंके बिना डेकेयर के आधारपर पंजीकृतआयुषचिकित्साव्यवसायी(व्यवसायियों)के पर्यवेक्षणके अधीनचिकित्साप्रक्रियाओँतथा चिकित्सीयया शल्योपचार/परा-शल्योपचारमध्यस्थताओंका संचालनकरने के लिएसुविधाओँ सेयुक्त हो एवंउसे निम्नलिखितमानदंडों कोअवश्य पालनकरना चाहिएः

i.             अर्हताप्राप्तपंजीकृतप्रभारी आयुष चिकित्साव्यवसायी(व्यवसायियों)से युक्त हो;

ii.            अपेक्षानुसारसमर्पित आयुषचिकित्सा खंडऔर/याजहाँशल्योपचारप्रक्रियाएँसंचालित करनीहों वहाँसुसज्जितआपरेशनथियेटर सेयुक्त हो;

iii.          रोगियोंके दैनिकअभिलेख रखे जारहे हों तथा उन्हेंबीमा कंपनी केप्राधिकृतप्रतिनिधि केलिए पहुँच केयोग्य रखा जारहा हो।

स्पष्टीकरणःआयुषअस्पतालऔर आयुषडे केयरकेन्द्रकी परिभाषामें उल्लिखितचिकित्साव्यवसायी काअर्थ वही होगाजो किदिशानिर्देशोंके अध्याय I के अंतर्गत “चिकित्साव्यवसायी”की परिभाषामें परिभाषितहै।

 

3.   ऊपरउल्लिखितआयुष अस्पतालऔर आयुष डेकेयर केन्द्रभी या तोअस्पतालों औरस्वास्थ्यरक्षाप्रदाताओं केलिएराष्ट्रीयआधिकारिक मान्यताबोर्ड(एनएबीएच)द्वारा जारीकिया गया प्रवेश-पूर्वस्तरीयप्रमाणपत्र(अथवा उच्चतरस्तरीय प्रमाणपत्र)या राष्ट्रीयस्वास्थ्यप्रणालीसंसाधनकेन्द्र(एनएचएसआरसी)द्वारा जारी कियागयाराष्ट्रीयगुणवत्ताआश्वासनमानकों(एनक्यूएएस)के अंतर्गतराज्य-स्तरीयप्रमाणपत्र(अथवा उच्चतरस्तरीयप्रमाणपत्र)प्राप्त करेंगे।

4.   सभीवर्तमान आयुषअस्पताल औरआयुष डे केयरकेन्द्र ऊपरखंड (3) केअंतर्गतउल्लिखितअपेक्षाओं काअनुपालन इसपरिपत्र केनिर्गम कीतारीख से बारहमहीने की अवधिके अंदरकरेंगे, यदि उपर्युक्तप्रमाणपत्रपहले सेप्राप्त नहीं कियागया हो।

5.   यहपरिपत्रआईआरडीएआईपरिपत्र सं.आईआरडीए/एचएलटी/आरईजी/सीआईआर/005/ 01/2017दिनांक 10जनवरी 2017 केद्वारा जारीकिये गये स्वास्थ्यबीमा मेंउत्पादफाइलिंगसंबंधी दिशानिर्देशोंके अध्याय II के खंड 4(xvi) काअधिक्रमणकरता है।

6.   येदिशानिर्देशबीमा अधिनियम,1938 की धारा 34(1) के साथपठितआईआरडीएआई(स्वास्थ्यबीमा) विनियम, 2016के विनियम 18में निहितशक्तियों केअंतर्गत जारीकिये जातेहैं।

7.   ऊपरखंड (3) और (4) परउल्लिखितअनुदेश 2019 कीडब्ल्यू.पी.(सी) 6237 के संबंधमें माननीयदिल्ली उच्चन्यायालयद्वारादिनांक 29 मई 2019/31 मई 2019 के अपनेआदेश में दियेगयेनिर्देशों केअधीन हैं,जिनकाअनुपालन उक्तउच्चन्यायालय केअगले आदेशोंतक करने कीआवश्यकता है।

8.   इसेसक्षमप्राधिकारीका अनुमोदनप्राप्त है।

 

महाप्रबंधक(स्वास्थ्य)

 

 

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