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Title: प्रति, सभी बीमाकर्ता, पुनर्बीमाकर्ता (पुनर्बीमा शाखाओं सहित)
Reference No.: आईआरडीए/एफएण्डए/सीआईआर/एसीटीएस/262/12/2016
Date: 30/12/2016
बीमा क्षेत्र में इंड ए एस कार्यान्वयन दल की रिपोर्ट

इंडएएस के कार्यान्वयनहेतु बीमा क्षेत्रके लिए कॉरपोरेटकार्य मंत्रालयद्वारा दिनांक 18 जनवरी 2016 की अपनीप्रेस प्रकाशनीमें निर्धारितरूपरेखा के अनुसारबीमाकर्ताओँ / बीमाकंपनियों से अपक्षितहै कि वे 1 अप्रैल 2018 से प्रारंभहोनेवाली लेखांकनअवधियों के लिएऔर उससे आगे 31 मार्च 2018 को समाप्तअवधियों के लिएअथवा उसके बादके तुलनात्मक आंकड़ोंके साथ इंड एएसआधारित वित्तीयविवरण तैयार करें।

 

2. इंडएएस के लिए बीमाउद्योग को तैयारकरने के लिए प्राधिकरणने इंड एएस को लागूकरने के निहितार्थोंकी जाँच करने, कार्यान्वयनसंबंधी समस्याओंका समाधान करनेतथा इंड एएस कीदिशा में अभिमुखहोने के लिए परिचालनात्मकदिशानिर्देशोंके निर्माण कोसुसाध्य बनानेके लिए 17 नवंबर 2015 को उक्तकार्यान्वयन दलका गठन किया था।

 

3. उक्तकार्यान्वयन दलने अपनी रिपोर्टप्रस्तुत की हैजो आईआरडीएआई कीवेबसाइट में https://www.irdai.gov.in पर प्रकाशितकी गई है।

 

4. बीमाक्षेत्र में भारतीयलेखांकन मानकों (इंडएएस) के कार्यान्वयनके संबंध में परिपत्रआईआरडीए/एफएण्डए/सीआईआर/आईएफआरएस/038/3/2016 दिनांक 1 मार्च 2016 के पैरा 4 की ओरध्यान आकर्षितकिया जाता है जिसकेअनुसार बीमाकर्ताओंसे अपेक्षित हैकि वे 31 दिसंबर 2016 को समाप्ततिमाही से प्राधिकरणको प्रोफार्माइंड एएस वित्तीयविवरण प्रस्तुतकरें। बीमाकर्ताओंको इसके द्वारासूचित किया जाताहै कि वे उक्त रिपोर्टमें दिये गये फार्मेटोंमें प्रोफार्माइंड एएस का अनुपालनकरनेवाले वित्तीयविवरण प्रस्तुतकरें।

 

(वी. आर. अय्यर)

सदस्य (एफएण्डआई)

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    Report of the Implementation Group of Ind AS in Insurance Sector.pdf

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